Belly Fat: बैली फैट अर्थात पेट की चर्बी शरीर के आकर को खराब करने का काम करती है। साथ ही इसकी वजह से सेहत से जुड़ी समस्याएं भी होने लगती हैं। एक शोध से पता चला है कि लाइफ स्टाइल में आहार संबंधी गड़बड़ी की वजह से Belly Fat की समस्या पाई जाती है।
पेट और लीवर जैसे अंगों पर जब फैट जमा होने लगता है तो यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। इसकी वजह से मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। इससे हृदय रोग डायबिटीज और अन्य क्रॉनिक बीमारियों के होने की संभावना बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार समय रहते बैली फैट और मोटापे पर कंट्रोल करना जरूरी है।
Belly Fat का कारण –
हमारी दैनिक गतिविधियों में ऐसे कई कारण होते हैं जो पेट की चर्बी को बढ़ाने का काम करते हैं। लेकिन समय रहते यदि इसकी पहचान कर लिया जाए और रोकथाम के लिए कुछ उपाय अपनाए जाएं तो इसे आसानी से कम किया जा सकता है।
यह बेहद निराशाजनक है कि पिछले एक दशक में मोटापा का संकट दुनियाभर में काफी तेजी से बढ़ गया है। इसी बीच यह समझना भी बेहद आवश्यक हो जाता है कि कुछ लोगों में दूसरे लोगों की तुलना में पेट की चर्बी क्यों बढ़ जाती है? तो आइए जानते हैं इसके पीछे क्या कारण जिम्मेदार होते हैं।
Belly Fat : शारीरिक निष्क्रियता –
पेट की चर्बी बढ़ने का सबसे प्रमुख कारण शारीरिक निष्क्रियता के तौर पर जाना जाता है। जब गतिहीन जीवन शैली होती है, जिसमें लंबे समय तक बैठे रहना होता है और ऐसे भोजन किए जाते हैं जो मोटापा बढ़ाने के जिम्मेदार होते हैं तो बैली फैट बढ़ जाता है। मोटापे का एक और कारण एक्सरसाइज न करना भी है।
एक शोध के अनुसार यदि सप्ताह में केवल 150 मिनट एक्सरसाइज किया जाए तो यह वजन को कम करने में काफी मदद करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हाथ में फैट जमा होने की वजह से मोटापा तो बढ़ता ही है साथ ही इसकी वजह से तनाव और चिंताएं बढ़ती है। या यूं कह लें कि चिंता और तनाव के कारण भी बैली फैट की समस्या देखी जाती है ।
नींद में कमी –
वजन को नियंत्रित रखने के लिए रात में पूरी नींद सोना बेहद आवश्यक है। नींद में कमी की वजह से भी लोगों में चर्बी बढ़ जाती है। एक शोध से पता चला है कि जो लोग प्रतिदिन रात में नींद पूरी नहीं कर पाते उनमें चिड़चिड़ापन, इंसुलिन की समस्या और मोटापे का खतरा अन्य सामान लोगों की तुलना में अधिक होता है।
पेट की चर्बी बढ़ने और अन्य गंभीर बीमारियों को कम करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को रात में कम से कम 7 घंटे की अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी होता है।
धूम्रपान –
धूम्रपान की वजह से सांस से जुड़ी समस्याएं और फेफड़े के कैंसर की समस्या तो होती ही है। साथ ही इसकी वजह से इंसुलिन प्रतिरोध भी काफी बढ़ जाता है। जिसकी वजह से वेट बढ़ने लगता है।
जनरल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशन में एक शोध प्रकाशित हुआ है जिसमें बताया गया है कि धूम्रपान की वजह से मेटाबॉलिक सिंड्रोम और डायबिटीज का खतरा काफी बढ़ जाता है।इसलिए इस आदत को जल्द से जल्द छोड़ना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
तनाव –
जो लोग तनाव लेते हैं, इसका असर स्वास्थ्य भी पड़ता है। हमारी यह आदत न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है बल्कि यह शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। एक शोध के अनुसार जो लोग अधिक तनाव और चिंता की वजह से परेशान रहते हैं, उनमें मोटापे का खतरा अन्य लोगों की तुलना में अधिक पाया जाता है।
मोटापा की समस्या कई अन्य स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को जन्म देती है। इसलिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए तनाव को कम करने की कोशिश करें।
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