डायबिटीज के साथ-साथ अन्य बीमारियों में भी बेहद गुणकारी है जामुन, जाने कैसे करें इस्तेमाल

आमतौर पर लोग यही जानते हैं कि जामुन का सेवन डायबिटीज के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद है। लेकिन इसके अन्य फायदे भी होते हैं।भारत में जामुन का फल सदियों से इस्तेमाल किया जाता रहा है ।

जामुन के फल पक जाने पर गहरे लाल और काले रंग में लिखते हैंम यह एक रसीला फल होता है। इसका सेवन लोग बहुत ही चाव से करते हैं। यह एक ऐसा फल है जो गर्मियों में होता है।

भारत ने जून-जुलाई के मौसम में पकी हुई जामुन देखने को मिलती है। आयुर्वेद के अनुसार जामुन का फल ही नहीं बल्कि जामुन की पत्तियां भी स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं।

जामुन में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाई जाती है। ऐसे में कोरोना वायरस महामारी के दौर में डायबिटीज के रोगियों के अलावा अन्य लोगों के लिए भी जामुन का सेवन करना काफी लाभदायक है।

जामुन ठंडी तासीर का होता है। ऐसे में यह लू लगने पर राहत प्रदान करता है। इसमें पेट को ठंडा रखने वाले तत्व पाए जाते हैं। आमतौर पर देखा जाता है कि गर्मियों के मौसम में कुछ लोगों को सीने में जलन की समस्या होती है। ऐसे में अगर वह जामुन का सेवन करें तो उससे लाभ मिलता है।

जामुन के साथ-साथ इसकी पत्तियां भी बहुत फायदेमंद होती हैं। जामुन का सेवन डायबिटीज को कंट्रोल में रखता है साथ ही पहचान को भी दुरुस्त रखता है।

डाइटिशियन श्रेया मिष्ठा का कहना है कि जामुन खाने के बाद इसके मुलेठी से फेस पैक भी बनाया जा सकता है। इसके मुलेठी को सुखाकर चूर्ण बना लें और आधा चम्मच इसका सेवन करके कई सारी बीमारियों से बचा जा सकता है।

 आमतौर पर अब अस्पतालों में भी जामुन को डाइट में दिया जाने लगा है। जामुन का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके बीजों में फ्लेवोनॉयड और फेलोलिक योगिक पाया जाता है।

इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है। इसलिए यह शरीर को विषाक्त पदार्थों से बचाता है और इम्यूनिटी मजबूत करता हैं। कोरोना वायरस महामारी के दौर में इम्यूनिटी बढ़ाना बेहद जरूरी है।

एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाने की वजह से जामुन का सेवन करने से ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। जामुन में फाइबर पाया जाता है जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है और पाचन भी दुरुस्त रखता है।

जामुन के अन्य नाम : जामुन का वनस्पति नाम सीजीजियम है। इसे संस्कृत में महाफला महाजंबू, असम में जमू बंगाली में कालाजाम गुजरात में जाम्बु वो महाराष्ट्र में जाम्बुल कहा जाता है।

मुंहासे को दूर करता है  जामुन मुहासे की समस्या को दूर करता है। मुंहासे को कम करने के लिए जामुन के रस का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा इसकी गुलेटी और पत्तियों के रस को बेसन के साथ मिलाकर त्वचा पर लगाया जाता है, जिससे त्वचा पर आयल कम बनता है और मुहांसे नहीं आते हैं।

डायबिटीज में फायदेमंद  – जामुन को डायबिटीज के मरीजों के लिए रामबाण कहा जाता है। गर्मियों के मौसम में डाइटिशियन जामुन खाने की सलाह भी देते हैं। जामुन से कई तरह की औषधि भी बनाई जाती है। जामुन के बीज को सुखाकर चूर्ण बनाया जाता है। इसके चूर्ण का सेवन करने से जल्दी डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

जामुन के अन्य फायदे –

  • कान में पस या घाव होने पर जामुन के गुकेथी का घोल लगाया जाता है। इसके अलावा जामुन के रस को कान में डालने से कान का दर्द दूर होता है।
  • जामुन की पत्तियों की राख को दांतों और मसूड़ों पर मलने से दांत मजबूत होते हैं और पायरिया की समस्या से राहत मिलती है।
  • मुंह में छाले पड़ने पर जामुन की पत्तियों को चबाकर कुल्ला करने से आराम मिलता है।
  • दस्त होने पर जामुन के पत्ते के रस को बकरी के दूध के साथ पीने से जल्दी आराम मिलता है।
  • लिवर में सूजन आने पर जामुन की गुलेठी का रस पीना फायदेमंद होता है।
  •  जामुन का सिरका भी काफी फायदेमंद होता है
  • खून की कमी होने, पीलिया होने पर जामुन के रस को दो चम्मच शहद के साथ लेने से जल्दी आराम मिलता है।
  • जोड़ों के दर्द में जामुन की जड़ों को उबालकर पीने से जल्दी आराम मिलता है।

ध्यान रहे अधिक मात्रा में जामुन का सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। जामुन का सेवन करने से यह पचने में समय लेता है। ऐसे में जामुन का अधिक सेवन करने से यह फेफड़े को भी नुकसान पहुंच सकता है। जामुन का अधिक सेवन खाने से कई बार बुखार की समस्या उत्पन्न हो सकती है। जामुन को नमक के साथ खाना फायदेमंद होता है।

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