hibiscus(gudhal) का फूल immune system को मजबूत करने के साथ ही अन्य बीमारियों में भी है faidemand

प्रकृति ने इंसानों को अनेक तरह की सौगातें दी है जैसे कि प्रकृति में कई तरह के औषधियों के गुण पाए जाते हैं। प्रकृति में ही ऐसे फूल भी पाए जाते हैं जो घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ ही औषधि उपयोग में भी लाये जाते हैं।

कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो बेहद आसानी से मिल भी जाते हैं और औषधीय गुणों से भरपूर भी होते हैं। ऐसे ही एक फूल है गुड़हल का, जो ज्यादातर घरों आंगन और बाग में पाया जाता है और महज एक फूल की तरह समझा जाता है।

लेकिन यह कई सारी बीमारियों में रामबाण इलाज करता है। गुड़हल के पेड़ की टहनियों पर लगे यह सुंदर लाल फूल वातावरण की शोभा बढ़ाते हैं, साथ ही इसमें कई औषधीय गुण भी होते हैं। इसकी पत्तियां तथा फूल को जीवनदायनीय कहा जाता है।

गुड़हल के फूल के औषधीय गुण :-

आयुर्वेदाचार्य डॉ कविता गोयल का कहना है कि गुड़हल की पत्ती और फूल का सेवन करके कई सारी बीमारियों का घरेलू इलाज किया जा सकता है। क्योकि गुड़हल के फूल में एंटीऑक्सीडेंट, आयरन होने से इसमे कई सारी बीमारियों से राहत दिलाने के गुण भी पाए जाते हैं।

गुड़हल में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी भी होती है तथा यह इम्यूनिट सिस्टम को मजबूत करने का भी काम करता है। कविता गोयल के अनुसार अगर गुड़हल के फूल का शरबत बनाकर सेवन किया जाये तब इससे काफी लाभ मिलता है।

किन बीमारियों में है फायदेमंद –

डॉ कविता का कहना है कि गुड़हल की चाय या फिर शरबत बना कर इसका सेवन करना चाहिये। इससे त्वचा संबंधी रोगों से छुटकारा मिलता है और चेहरे से झुर्रियों की समस्या दूर हो जाती है और चेहरी की नमी दोबारा से वापस आ जाती है।

गुड़हल के फूलों का प्रयोग घाव को भरने में भी कर सकते हैं क्योंकि गुड़हल के फूल में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाये जाते हैं। इस वजह से यह कई बीमारियों से राहत भी प्रदान करता है।

बता दें कि एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में मौजूद ऊतकों को फ्री रेडिकल को निष्क्रिय करने का काम करता है और शरीर को बीमारियों से बचाता है। गुड़हल के फूल में ब्लड प्रेशर को ठीक करने की क्षमता होती है और यह केलोस्ट्रोल को कम करने में भी बहुत मददगार होता है।

गुड़हल के फूल में विटामिन सी पाए जाने की वजह से यह बालों से जुड़े कई समस्याओं से निजात दिलाता है। गुड़हल के फूलों और पत्तियों का इस्तेमाल बालों से जुड़ी समस्याओं से निजात पाने के लिए किया जा सकता है।

इसके लिए मास्क बनाकर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है या फिर इसका तेल बनाकर बालों की जड़ों में लगाकर बालों से जुड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है।

 गुड़हल की जड़ों को चबाने से मुंह के छाले की समस्या से राहत मिलती है, साथ ही इससे सफेद दाग के रोग को भी ठीक किया जा सकता है। डॉ कविता के अनुसार गुड़हल के फूल का शरबत हृदय और मस्तिष्क को मजबूती प्रदान करता है।

जिन लोगों को जो नाक से खून आना, सिर दर्द जैसी समस्या हो उन्हें कुछ दिन तक लगातार गुड़हल के फूल का शरबत बना कर सेवन करने से राहत मिल जाएगी।

गुड़हल की चाय के फायदे –

गुड़हल का इस्तेमाल दवाओं के रूप में भी किया जाता है। इससे कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और गले के संक्रमण का इलाज किया जाता है। साथ ही यह विटामिन सी, कैल्शियम, वसा, फाइबर, आयरन का भी अच्छा स्रोत माना जाता है।

बालों को रंगने के लिए गुड़हल के ताजे फूलों को पीसकर बालों में लगाया जा सकता है। गुड़हल की चाय हर्बल टी की तरह काफी फायदेमंद होती है।

 सर्दी, जुकाम और बुखार में गुड़हल की चाय पीने से जल्दी आराम मिल जाता है। हाई ब्लड प्रेशर को कम करने और कैस्ट्रॉल को घटाने में भी गुड़हल की चाल फायदेमंद होती है।

अगर बाल झड़ते रहते हैं तब गुड़हल के फूल को पानी में उबालकर इस पानी को तेल की तरह बालों में लगाने से कुछ दिनों में बाल झड़ना बंद हो जाते हैं। गुड़हल के फूलों को सुखाकर उसका पाउडर बनाकर नियमित रूप से सेवन करने से पित्त की पथरी को दूर किया जा सकता है।

जिन लोगों के चेहरे पर मुंहासे निकलते हैं उन्हें गुड़हल की पत्तियों को पानी में उबालकर पीस लेना चाहिए और उसके बाद उसमें शहद मिलाकर त्वचा पर लगाना चाहिये इससे मुहासे की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

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