आइए जानते हैं वायरल बुखार के कारण लक्षण और बचाव के घरेलू उपचार

मौसम बदलने पर्यावरण में असंतुलन के कारण शरीर में कमजोर होना वायरल बुखार का कारण बनता है। जिसकी वजह से इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है।

वायरल बुखार का अर्थ है एक ऐसा वायरल जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हो जाता है। बुखार का कारण संक्रमण होता है। आज हम जानेंगे वायरल बुखार के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार के बारे में

वायरल बुखार के कारण :-

वायरल बुखार के लिए निम्नलिखित कारण जिम्मेदार होते हैं।

  •  इम्यूनिटी सिस्टम का कमजोर हो जाना और थकान लगना
  •  संतुलित आहार न ग्रहण करना
  • ऐसे लोगों के संपर्क में आना जिन्हें वायरल बुखार हुआ हो
  •  दूषित पेयजल का सेवन करना
  •  बदलते मौसम के कारण
  • इम्युनिटी कमजोर होने से संक्रमण का शरीर में प्रवेश कर जाना

वायरल बुखार के लक्षण :-

वायरल बुखार के दौरान जरा सी लापरवाही गंभीर समस्या उत्पन्न कर देती है। ऐसे में इसके लक्षणों को सही ढंग से समझना जरूरी है। बच्चों में वायरल बुखार होने पर डारिया, खांसी, जुखाम, उल्टी जैसी समस्याएं देखने को मिलती है। वायरल बुखार के निम्नलिखित लक्षण होते हैं

  • सिर दर्द की समस्या होना
  •  आंखों का लाल हो जाना
  • आंखों में जलन होना
  • गले में दर्द रहना शरीर में दर्द महसूस होना
  • शरीर का गर्म होना यानी कि अचानक से तापमान का बढ़ना

मालूम हो कि वायरल फीवर चार-पांच दिन तक बना रहता है और इसका असर शरीर में 10-15 दिन तक देखने को मिलता है।

वायरल फीवर से बचाव :-

वायरल फीवर से बचने के लिए आपने जीवन शैली में निम्नलिखित बदलाव किए जा सकते हैं

  • वायरल बुखार से पीड़ित लोगों के संपर्क में आने से बचना
  • बदलते मौसम में खुद का ध्यान रखना
वायरल फीवर से छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपाय :-
  • वायरल फीवर में मेथी का पानी बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए एक गिलास पानी में मेथी के दानों को उबालकर इसे छानकर पीएं लेकिन ध्यान रखें कभी मात्रा में इसका सेवन करें।
  • वायरल फीवर में धनिया का पानी भी फायदेमंद होता है। धनिया में बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने के गुण पाए जाते हैं साथ ही इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाता है।
  • गिलोय का सेवन बुखार की समस्या से निजात दिलाता है। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और सर्दी खांसी जैसी समस्याएं दूर रहती हैं।
  • तुलसी का सेवन वायरल बुखार में काफी फायदेमंद होता है। इसमें लोंग पाउडर और तुलसी के पत्तों को पानी में उबाल लें और जब पानी आधा रह जाए तब इसे सेवन करें।
  • दालचीनी भी वायरल बुखार को दूर करने में मददगार होता है। दालचीनी एक नेचुरल एंटीबायोटिक के रूप में इस्तेमाल होता है। यह सर्दी, खांसी, गले में दर्द जैसी समस्याओं में फायदेमंद है। इलायची और दालचीनी पाउडर को एक साथ पानी में उबालकर, इस पानी को ठंडा हो जाने के बाद पियें, इससे वायरल फीवर में आराम मिलता है।
  • अदरक वायरल फीवर में बहुत फायदेमंद होती है। अदरक के रस को शहद के साथ वायरल फीवर में सेवन करने से फीवर में आराम मिलता है।

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