आइये जाने थाइराइड के लक्षण और इसका घरेलू इलाज

आज के समय में थायराइड से काफी लोग पीड़ित हैं। थायराइड ग्रंथि (ग्लैंड) में हार्मोन असंतुलन की वजह से वजन बढ़ने या घटने लगता है।

एक शोध के मुताबिक पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायराइड होने की संभावना 10 गुना ज्यादा होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर को सही ढंग से कामकाज करने के लिए थायराइड हार्मोन की जरूरत होती है।

लेकिन जब इसमें किसी भी वजह से किसी भी प्रकार का असंतुलन बन जाता है तब थाइराइड समस्या होती है।

थायराइड एक जेनेटिक बीमारी है और इसमें इम्यून सिस्टम में एंटीबॉडी उत्पन्न होता है और ये थायराइड ग्रंथि में और अधिक थायराइड हार्मोन बनाने के लिए उत्तेजित करती है।

आइये जाने थायराइड के लक्षण (Symptoms of thyroid in Hindi ) :-

 थायराइड दो तरह का होता है

  1. हाइपरथायराइडिज्म के लक्षण इस तरह है :-
  1. वजन का घटना
  2. हाँथ कपकपना
  3. गर्मी बरदास्त न होना
  4. नींद न आना
  5. अत्यधिक प्यास लगना और पसीना होना
  6. कमजोरी महसूस होना
  7. दिल की धड़कन तेज होना
  1. हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण :-

  • थकान और सुस्ती महसूस होना
  • कब्ज की शिकायत होना
  • दिल की धड़कन कम होना
  •  ठंड लगना
  •  सूखी त्वचा होना
  •  बालों का रूप होना
  •  पीरियड्स का अनियमित होना
  • इनफर्टिलिटी आदि

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कुछ घरेलू उपचार के द्वारा थायराइड पर नियंत्रण पाया जा सकता है। इन चीजों को सेवन थायराइड के उपचार के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है :-

अदरक :-

अदरक में पोटैशियम मैग्निशियम जैसे तत्व होते हैं और यह थायराइड की समस्या से निजात दिलाता है। अदरक में एंटीइंफ्लेमेटरी तत्व पाए जाने की वजह से यह हार्मोन्स असंतुलन को बढ़ने से रोकता है और शरीर को स्वस्थ बनाने में मददगार होता है।

 दूध और दही :-

थायराइड से पीड़ित लोगों को दूध और दही का सेवन ज्यादा से ज्यादा करने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसमें कैल्शियम, मिनरल जैसे तत्व पाए जाते हैं जो थायराइड से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य बनाने का काम करते है।

 अलसी :-

अलसी के बीच में फैटी एसिड होता है। यह दिल की सेहत के लिए फायदेमंद होता है और थायराइड की समस्या पर भी नियंत्रण करने में इस्तेमाल किया जा सकता है क्योंकि इसमें मैग्नीशियम और विटामिन पाया जाता है और विशेष रूप से हाइपोथायरायडिज्म की समस्या पर नियंत्रण पाने में अलसी के बीज काफी मददगार होता है।

 नारियल तेल :-

नारियल तेल में भी फैटी एसिड पाया जाता है और यह थायराइड ग्लैंड को ठीक से काम करने में मदद करता है। नारियल का तेल इस्तेमाल करने से वजन कम करने में मदद मिलती है और मेटाबोलिज्म बढ़ता है। बॉडी के टेंपरेचर को भी ठीक रखने में नारियल तेल मददगार होता है।

 मुलेठी :-

थायराइड से पीड़ित लोगों को थकान बहुत जल्दी महसूस होती है। ऐसे में मुलेठी का सेवन के लिए फायदेमंद होता है क्योंकि मुलेठी में पाए जाने वाले तत्व थायराइड ग्रंथि में हार्मोन के असंतुलन को संतुलित करने का काम करते हैं और शरीर को ऊर्जा मिलती है। मुलेठी के सेवन से कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।

 साबुत अनाज :-

गेहूं, जौ, मक्का जैसे साबुत अनाज के बने पदार्थों को खाने से थायराइड की समस्या नहीं होती है क्योंकि साबुत अनाज में फाइबर, प्रोटीन, विटामिंस पर्याप्त मात्रा में होते हैं और थायराइड ग्लैंड में होने वाले हार्मोन असंतुलन को रोकने में मददगार होते हैं

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