आइए जानते हैं हेपेटाइटिस के लक्षण और बचाव के तरीके के बारे में

हेपेटाइटिस एक संक्रामक बीमारी है, जिसमें लिवर प्रभावित होता है। वैसे तो लिवर को समस्या को आम बात मानी जाती है लेकिन कई बार यह जानलेवा भी साबित हो जाती है।

वही हेपेटाइटिस के मरीज अगर कोरोना से संक्रमित हो जाते हैं तो उनमें मौत का खतरा बढ़ जाता है। कोरोना वायरस महामारी के इस दौर में हेपेटाइटिस जैसे वायरस से बचना बहुत जरूरी है। आज हम जानेंगे हेपेटाइटिस के लक्षण और बचाव बचाव के तरीके के बारे में

हेपेटाइटिस के प्रमुख लक्षण :-

  • यूरिन पीला दिखना
  • पेट में दर्द की समस्या होना
  •  आंखों और त्वचा में पीलापन होना
  • मल का रंग सामान्य न दिखना
  •  उल्टी की समस्या
  •  थकान महसूस होना

हेपेटाइटिस प्रमुख रूप से पांच प्रकार की होती है जो इस प्रकार से हो सकती है –

1. हेपेटाइटिस ए

 हेपेटाइटिस ए बीमारी प्रमुख रूप से दूषित पानी और दूसरी भोजन की वजह से होता है। इसमें लीवर में सूजन आने के साथ-साथ बुखार आना, उल्टी होना और भूख न लगने की समस्या पाई जाती है।

2. हेपेटाइटिस बी –

 हेपेटाइटिस बी बीमारी प्रमुख रूप से संक्रमित ब्लड चढ़ाने या संक्रमित सुई लगाने और असुरक्षित यौन संबंध बनाने की वजह से होती है। इसके प्रमुख लक्षणों में स्किन का रंग पीला पड़ने लगता है, पेट में दर्द की समस्या रहती है, उल्टी और थकान होती है।

3.हेपिटाइटिस सी –

हेपेटाइटिस सी का संक्रमण दूषित रक्त चढ़ाने से, संक्रमित सुई लगाने से या फिर संक्रमित सूई द्वारा टैटू बनवाने की वजह से होता है। इसके प्रमुख लक्षण में भूख न लगने की समस्या, अत्यधिक थकान होना और त्वचा का पीला पड़ने लगना है।

4. हेपेटाइटिस डी –

 हेपेटाइटिस डी की बीमारी प्रमुख रूप से संक्रमित सुई लगवाने की वजह से या फिर किसी दूसरे की शेविंग किट का इस्तेमाल करने की वजह से भी हो जाती है। इसमें बुखार आने के साथ-साथ पेट में दर्द होना, उल्टी होना और जोड़ों में दर्द की समस्या पाई जाती है।

5. हेपेटाइटिस ई –

हेपेटाइटिस ई प्रमुख रूप से दूषित खाना खाने और पानी पीने की वजह से होता है। इसमें त्वचा का रंग पीला पानी लगता है, हल्का बुखार बना रहता है, वजन तेजी से घटता है और थकान महसूस होती है।

हेपेटाइटिस से बचाव के तरीके :-

  •  हाथ को खाना खाने से पहले या कुछ भी खाने पहले अच्छी तरह से साबुन से धो लें
  •  सब्जियों को खाना बनाने से पहले अच्छी तरह से धूल ले
  • फलों को धूल कर ही खाये।
  •  मानसून के मौसम में पानी को उबालकर पिये।
  • बाहर का खाना खाने से परहेज करें
  •  मानसून के मौसम में स्ट्रीट फूड का सेवन बिल्कुल भी न करें
  • जो लोग लीवर के मरीज रह चुके हैं उन्हें हेपेटाइटिस की वैक्सीन लगवा लेना चाहिए।

कोरोना वायरस महामारी के दौर में इस संक्रमण के बढ़ने का खतरा अधिक है। ऐसे में लोगों को कोरोना वैक्सीन जरूर लगवाना चाहिए। क्योंकि कोरोना वैक्सीन से साइड इफेक्ट से भी बचा जा सकता है। साथ ही इस तरह के खतरे को भी कम किया जा सकता है।

 नोट – हमारा यह लेख  विभिन्न सूचनाओं एवं तथ्यों के आधार पर जांचा परखा गया है। लेख को तैयार करते समय विभिन्न निर्देशों का पालन किया गया है।

इस लेख का प्रमुख मकसद पाठकों के लिए जानकारी और जागरूकता को बढ़ाना है। पाठक अपने स्तर पर भी इसकी जांच  कर ले। अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग और सचेत रहें..!

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