Osteoporosis: घुटनों के दर्द की समस्या से बचाव के लिए अपनाएं ये तरीके

जीवन शैली अस्त व्यस्त होने की वजह से लगभग पिछले एक दशक से स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं तेजी से बढ़ी है। इनमें कई समस्याएं ऐसी हैं जो पहले उम्र बढ़ने के साथ होती थी।

लेकिन अस्त व्यस्त जीवनशैली की वजह से लोग कम उम्र में ही इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। ओस्टियोआर्थराइटिस (Osteoporosis) भी एक ऐसी समस्या है जो पहले बुजुर्गों में होती थी।

इसमें जोड़ों में दर्द और जकड़न की समस्या पाई जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि और ओस्टियोआर्थराइटिस को लगातार बने रहने वाली बीमारी है। इसमें कार्टिलेज को नुकसान पहुंचता है।

बता दें कि कार्टिलेज हड्डियों को सुरक्षा प्रदान करता है। अक्सर देखा जाता है कि अर्थराइटिस की समस्या से पीड़ित लोगों में जोड़ों में दर्द, अकड़न, मांसपेशियों में दर्द, लिंगमेंट में दर्द की समस्या पाई जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ओस्टियोआर्थराइटिस की समस्या में कूल्हे, घुटने, रीड की हड्डी और हाथ अधिक प्रभावित होता है। हावर्ड यूनिवर्सिटी के एक रिपोर्ट के अनुसार ओस्टियोआर्थराइटिस जेनेटिक समस्या है अर्थात अगर परिवार में किसी को यह बीमारी रहती है तो यह अन्य लोगों में भी होने की संभावना बनी रहती है।

अर्थराइटिस के लक्षण को कम करने के लिए कुछ सामान्य एक्सरसाइज करना फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से

फ्लैक्सिबिलिटी एक्सरसाइज

ओस्टियोआर्थराइटिस के लक्षणों को कम करने के लिए फ्लैक्सिबिलिटी वाली एक्सरसाइज करना फायदेमंद होता है। ऐसे व्यायाम करने से जोड़ों से जुड़ी समस्या में सुधार आता है।

इससे कठोरता को कम करने में मदद मिलती है तथा जोड़ों के आसपास के ऊतकों के कसाव को रोकने में भी मदद मिलती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के व्यायाम के तरीके के बारे में समझना आवश्यक है। शुरुआत में 10 – 12 रिपीटेशन किया जा सकता है और समय बढ़ने के साथ अभ्यास की अवधि को धीरे धीरे बढ़ा सकते हैं।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब मांसपेशियों का इस्तेमाल कम किया जाता है तो यह अपनी ताकत को खोने लगती है। विशेषकर के 30 से अधिक उम्र के बाद इनकी ताकत धीरे-धीरे घटने लगती है।

ऐसे में लोगों को रोजाना एक्सरसाइज करना फायदेमंद है। जिससे शारीरिक सक्रियता बरकरार रखी जा सके। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज आर्थराइटिस के मरीजों के लिए फायदेमंद होती है। यह व्यायाम जोड़ों के दर्द को कम करने जगह से राहत देने में मददगार है।

एरोबिक एक्सरसाइज

एरोबिक एक्सरसाइज को सामान्यता शरीर की सहनशक्ति को बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह जोड़ों की समस्या को दूर करता है साथ ही स्वास्थ्य के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

साइकिलिंग, वॉकिंग, तैराकी जैसे अभ्यास एरोबिक एक्सरसाइज के अंतर्गत आते हैं। स्विमिंग करना ओस्टियोआर्थराइटिस के मरीजों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है। सप्ताह में कम से कम 4 बार 30 मिनट की एरोबिक एक्सरसाइज जोड़ों के दर्द की समस्या से दूर रखता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

ओस्टियोआर्थराइटिस के उपचार में व्यायाम करने के साथ कुछ दवा को भी शामिल किया जाता है। हालांकि इसका कोई इलाज तो नहीं है। लेकिन इस के दर्द को कम करने और इसे बढ़ने से रोका जा सकता है।

वजन अधिक होने पर वजन को कम करना भी मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। क्योंकि वजन अधिक होने से जोड़ों पर दबाव बढ़ने लगता है।

Note: इस लेख में बताई गई जानकारी स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर तैयार की गई है. यहां पर किसी भी बीमारी का इलाज नहीं है। किसी भी प्रकार की समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

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