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भारत को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री की योजना फोर्टिफाइड राइस वितरण की है, जाने इसके खाने के फायदे क्या क्या है

फोर्टीफाइड चावल के फायदे
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ग्लोबल हंगर इंडेक्स (वैश्विक भुखमरी सूचकांक) दुनियाभर में भूख और कुपोषण को लेकर विभिन्न देशों की रैंकिंग करता है। इस रैंकिंग में भारत 107 देशों की सूची में 94 वें स्थान पर है। अर्थात हम कह सकते हैं कि भारत की एक बड़ी आबादी भुखमरी और कुपोषण से पीड़ित है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 75 वे स्वतंत्रता दिवस के भाषण में भारत को कुपोषण से स्वतंत्र कराने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में गरीब महिलाओं एवं बच्चों को कुपोषण तथा आवश्यक पोषक तत्व की कमी को दूर करने के लिए घोषणा करते हुए कहा था कि साल 2024 तक राशन दुकानों से लेकर मिड डे मील तक हर जगह फोर्टीफाइड चावल वितरित किया जाये।

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लेकिन आज भी बहुत सारे लोग यह नहीं जानते हैं कि फोर्टीफाइड राइस क्या होता है? इसे कैसे बनाते हैं और इसको खाने से क्या लाभ मिलता है? आइए जानते हैं फोर्टीफाइड राइस के बारे में विस्तार से –

फोर्टिफाइड राइस क्या है? ( What is Fortified Rice in Hindi ) :-

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के अनुसार फोर्टिफाइड राइस का मतलब है भोजन में आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों को बढ़ाना। जिससे भोजन की पोषण गुणवत्ता में सुधार हो और शरीर को सभी पोषक तत्व मिल जाए।

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जिससे शरीर कुपोषण से दूर रहे। आसान भाषा में कहें तो फोर्टीफाइड राइस में अनाज को पीसकर ऊपर से पोषक तत्व को मिलाया जाता है। इसी तर्ज पर फोर्टीफाइड नियम के तहत चावल में माइक्रो न्यूट्रिशन को जोड़ने की प्रक्रिया भी की जाती है।यह पोषक तत्व आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं।

फोर्टीफाइड चावल कैसे बनता है? ( How is fortified rice made in Hindi ):-

फोर्टीफाइड चावल में कोडिंग और डस्टिंग जैसी कई तकनीकों की मदद लेकर इसे बनाया जाता है। जैसे अनाज को पीसकर उसके ऊपर माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मिलाए जाते हैं चावल के साथ प्रोसेस किया जाता है।

इसमें चावल को पीसकर पहले पाउडर तैयार करते हैं और इसमें माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जोड़ते हैं। बाद में फोर्टीफाइड चावल के मिश्रण को फिर से चावल के आकार में बदल दिया जाता है।

इसे ही फोर्टिफाइड चावल कहा जाता है। इस परियोजना के तहत फोर्टिफाइड राइस सामान्य चावल में 1:100 के अनुपात में मिलाया जाता है। अब इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पब्लिक डिसटीब्यूशन सिस्टम) और मिड डे मील के तहत लोगों को बांटा जाना है।

फोर्टिफाइड चावल की न्यूट्रिशन वैल्यू ( Nutrition value of fortified rice in Hindi ) :-

FSSAI के अनुसार एक किलो फोर्टिफाइड चावल में न्यूट्रिशन –

  • 28 mg – 42.5 mg आयरन
  • 75 – 124 mg फोलिक एसिड
  • 0.75 – 1.25 mg विटामिन B12
  • 10 – 15 mg जिंक
  • विटामिन A
  • विटामिन B6

फोर्टीफाइड चावल के फायदे ( Benefits of fortified rice in Hindi ) :-

कुपोषण रहता है दूर

भारत की महिलाओं तथा बच्चों में कुपोषण का स्तर बहुत ज्यादा पाया जाता है। ऐसे में इस चावल के सेवन से महिलाओं और बच्चों के कुपोषण को दूर किया जा सकता है।

फोर्टीफाइड चावल के जरिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी को दूर किया जाएगा और इससे होने वाली बीमारियां भी दूर रहेंगी। शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए, विटामिन बी6, जिंक, फोलिक एसिड जैसे तत्वों की आपूर्ति होगी जिससे शारीरिक और मानसिक दोनों विकास बेहतर ढंग से होगा।

खून की कमी होगी दूर

भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में हर दूसरी महिला आज खून की कमी अर्थात एनीमिया की शिकार है। भारत में हर तीसरा बच्चा अविकसित है। ऐसे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत फोर्टिफाइड चावल विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।

जिससे महिलाओं एवं बच्चों में आयरन की कमी को दूर किया जा सके। आयरन की कमी की वजह से ड्राई स्किन, सफेद बाल, नाखूनों का सफेद होना। इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं की मृत्यु जैसी घटनाएं हो जाती हैं।

एनेमिक मां से बच्चे का दिमाग और शरीर दोनों कमजोर रहता है। इसलिए फोर्टिफाइड चावल के सेवन से महिलाओं एवं बच्चों में आयरन की कमी को दूर किया जा सकेगा।

इम्यूनिटी करता है बूस्ट

फोर्टीफाइड चावल का इस्तेमाल कर से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। अर्थात इम्यूनिटी बूस्टर की तरह फोर्टीफाइड चावल काम करता है। इसमें आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी, जिंक जैसे तत्व होते हैं। जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं और शरीर बीमारियों से बचा रहता है। फोलिक एसिड महिलाओं के लिए सबसे जरूरी न्यूट्रिएंट्स माना जाता है।

फोलिक एसिड शरीर की कोशिकाओं का विकास करता है। यह रेड ब्लड सेल्स को बनाने में मदद करता है। जिससे फेफड़ा शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में सक्षम होता है और शरीर अंदरुनी रूप से स्वस्थ बनता है। इस तरह से फोलिक एसिड हमारे शरीर के सभी सेल्स को स्वस्थ बनाता है।

फोर्टीफाइड चावल कैसे खाया जाता है ( How to eat fortified rice in Hindi ) :-

फोर्टीफाइड चावल के नाम से ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि यह सामान्य चावल से अलग है। इसलिए इसे अलग तरीके से खाया जाता होगा। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है यहां नॉर्मल चावल की तरह ही खाया जाता है।

इसे पकाने के लिए भी किसी विशेष प्रक्रिया की जरूरत नहीं होती है। बस फोर्टीफाइड चावल को बनाने के लिए बनाने से पहले सामान्य चावल की तरह अच्छे से साफ करें। स्वच्छ पानी में इसे अच्छे से धो लें। चावल की मात्रा के अनुसार पानी डालें और पकाएं।

फोर्टीफाइड चावल में पोषक तत्वों की मौजूदगी की वजह से यह कुपोषण से लड़ने में मददगार है। इसी उम्मीद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में फोर्टीफाइड चावल वितरित करने की योजना सार्वजनिक वितरण प्रणाली व मिड डे मील के तहत बनाई है। जिससे भारत कुपोषण और भुखमरी से लड़ सके और दुनिया के सामने एक स्वस्थ्य देश के रूप में उभर सके।

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