क्या है उच्च कोलेस्ट्रॉल के कारण, लक्षण और इलाज

समय बदलने के साथ लोगों की जीवन शैली में काफी बदलाव आ गया है। आजकल हर कोई व्यस्त दिनचर्या जी रहा है। ऐसे में लोग अपने खान-पान पर विशेष ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। नतीजा यह है कि शरीर में तरह तरह की बीमारियां जन्म ले रही है।

शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना भी एक बीमारी है। कोलेस्ट्रॉल की समस्या आज के समय में एक आम समस्या बन गई है। देश के काफी सारे लोग उच्च कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित हैं।

कोलेस्ट्रोल क्या है? ( What is cholesterol in Hindi ) :-

कोलेस्ट्रोल एक तरह की वसा होती है। यह हमारे ब्लड में घुलनशील है। अगर इसका सही ढंग से इस्तेमाल नहीं होता है तो यह बढ़ते बढ़ते बीमारी बन जाती है। साथ ही इसकी वजह से कई अन्य बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण ( Cause of high cholesterol in HIndi ) :-

  • अनुवांशिक कारण
  • अत्यधिक सिगरेट पीने के कारण
  • अत्यधिक शराब का सेवन करने के कारण
  •  बढ़ती उम्र के कारण
  •  शारीरिक व्यायाम न करने की वजह से
  • अत्यधिक वसा युक्त भोजन के सेवन की वजह से
  • फास्ट फूड का अत्यधिक सेवन करने से

कोलेस्ट्रॉल के लक्षण ( Symptoms of cholesterol in Hindi ) :-

कोलेस्ट्रोल के लक्षण इस तरह से नहीं होते है कि इसे आसानी से समझा जा सके। लेकिन जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने लगता है तो इसकी वजह से कई अन्य बीमारियों के होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने लगती है तो इसकी वजह से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक जैसी बीमारी होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को हर 5 साल में अपने कोलेस्ट्रॉल लेबल की जांच करवानी चाहिए। कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच ब्लड टेस्ट के जरिए होती है।

कोलेस्ट्रॉल के प्रकार –

कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार के होते हैं

  • लो डेंसिटी लिपॉप्रोटीन
  • हाई डेंसिटी लिपॉप्रोटीन

लो डेंसिटी लिपॉप्रोटीन को बैड कोलेस्ट्रॉल के नाम से भी जाना जाता है। यह हमारी धमनियों में ब्लड का थक्का जमा देता है। जिसकी वजह से ब्लड क्लोटिंग की समस्या हो जाती हैं और हार्ट अटैक आने का खतरा बढ़ जाता है।

हाई डेंसिटी लिपॉप्रोटीन को गुड कोलेस्ट्रॉल के नाम से भी जानता है। यह लो कोलेस्ट्रॉल की समस्या को दूर करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हाई कोलेस्ट्रॉल ब्लड में घोलकर लो कोलेस्ट्रॉल को लिवर में भेज देता है और लीवर से यह शरीर के बाहर निकल जाता है।

एक उचित मात्रा में हाई कोलेस्ट्रॉल हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों से बचाता है।

कोलेस्ट्रॉल का इलाज ( Cholesterol treatment in Hindi ) :-

शरीर को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है। यदि अपनी दिनचर्या में कुछ बातों को शामिल कर लिया जाए तो हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या से बचा जा सकता है। कुछ घरेलू नुस्खे इसके लिए काफी फायदेमंद होते हैं जैसे –

धनिया

शोध के अनुसार धनिया हमारे शरीर मे कोलेस्ट्रॉल को काफी हद तक कंट्रोल करने में मददगार है। धनिया का सेवन करने से शुगर भी कंट्रोल में रहता है।

इसके लिए एक कप पानी में दो चम्मच धनिया पाउडर डालकर उबाल लें और इसे छानकर अलग कर ले। फिर दिन में दो बार इसे चाय की तरह पिये। जल्दी फर्क नजर आने लगेगा।

प्याज

कोलेस्ट्रॉल को कम करने में प्याज का सेवन करना फायदेमंद होता है। एक शोध के अनुसार बैड कोलेस्ट्रॉल को खत्म करके गुड कोलेस्ट्रॉल को आज बढ़ाता है।

एक चम्मच प्याज के रस में शहद डालकर रोजाना पीने से काफी फायदा होता है। इसके अलावा छाछ में एक कप प्याज को बारीक से काटकर नमक और काली मिर्च डालकर पीने से भी काफी फायदा मिलता है।

आंवला

कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में आना पाउडर काफी फायदेमंद होता है। इसके लिए एक चम्मच आंवला पाउडर को एक गिलास गुनगुने पानी में डालकर पीना चाहिए। खाली पेट यदि सुबह एक चम्मच आंवला पाउडर पानी के साथ लिया जाता है तो फर्क जल्दी नजर आने लगता है।

संतरा

संतरे में विटामिन सी पाई जाती है जो कि बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल को घटाता है और गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है। रोजाना दो से तीन गिलास संतरे का जूस पीने से कोलस्ट्रोल काफी जल्दी कंट्रोल में आ जाता है।

नारियल तेल

नारियल का तेल शरीर में फैट को कम करता है। साथ ही बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है। अपनी डाइट में नारियल तेल को शामिल करके कोलेस्ट्रॉल की समस्या से बचा जा सकता है।

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