आंखों में यह बदलाव भी हो सकता है हार्ट अटैक का संकेत रहे अलर्ट

आज के समय में जीवन शैली और आहार संबंधी गड़बड़ी के चलते हृदय रोग का खतरा काफी ज्यादा बढ़ता जा रहा है। एक समय था जब हृदय रोग का खतरा बढ़ती हुई उम्र के साथ होता था। लेकिन अब यह समस्या काफी कम उम्र में लोगों को होने लगी है। हृदय रोग के कारण कई बार गंभीर स्थितियों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

जिसकी वजह से जान का जोखिम भी होता है। धमनियों में किसी वजह से रुकावट के कारण जब हृदय में ब्लड सरकुलेशन का सही ढंग से नहीं हो पाता या फिर बाधित हो जाता है तब हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।

हार्ट अटैक के अलावा हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण भी इस तरह के जोखिम बढ़ जाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जीवन शैली और आहार को सही कर लेने से हार्ट अटैक के साथ हृदय रोग के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

हृदय रोग का समय पर यदि निदान किया जाए तथा इलाज किया जाए तब हार्ट अटैक के खतरे से जान के जोखिम को बचाया जा सकता है।

छाती में दर्द होना, सांस लेने में परेशानी होना जैसे लक्षण हृदय रोग के लक्षण है, जिससे लगभग सभी लोग परिचित हैं। लेकिन आंखों के माध्यम से भी हार्ट अटैक के खतरे का पता लग जाता है। आइए जानते हैं कैसे आंखें हार्ट अटैक के खतरे को बताती हैं

किस तरह पता लगाए हृदय रोग के जोखिम का

इंपीरियल कॉलेज लंदन में नेशनल हार्ट एंड लुंग इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ का कहना है कि सी रिएक्शन प्रोटीन की जांच के आधार पर करीब 3 साल पहले हृदय रोग का पता लगाया जा सकता है।

इसके माध्यम से इन्फ्लेमेशन का पता लग जाता है। साथ ही प्रोटीन की वजह से हृदय रोग के दौरान रक्त संचार बढ़ने लगता है। यही वजह है कि सीआरपी टेस्ट के जरिए तीन साल पहले आसानी पता चल जाता है।

आंखों से हार्ट अटैक के लक्षण जाने

 शोधकर्ताओं का कहना है कि आंखों के जरिए भी हार्टअटैक के जोखिम का पता लगाया जा सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद लेना फायदेमंद है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अपने शोध में पाया कि आंखों की रेटिना में रक्त वाहिकाओं के माध्यम से इसका पता लगाया जा सकता है। यदि इसमें परिवर्तन होता है तो हृदय रोग और हार्टअटैक का जोखिम बढ़ जाता है।

लीड्स विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम के आधार पर आंखों को स्कैन करके लगभग एक साल पहले हृदय रोग के जोखिम या फिर हार्टअटैक के जोखिम का पता लगा सकते हैं।

हार्ट अटैक के लक्षण पर भी ध्यान दें

मायो क्लीनिक की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कई ऐसे लक्षण होते हैं जो हार्ट अटैक से पहले ही इसका संकेत देते हैं। इसके बारे में सभी को जानना चाहिए और इसके प्रति सचेत रहना चाहिए।

  • छाती में दर्द होना या बाहों पर दबाव पड़ना
  • जकड़न महसूस होना
  • दर्द होना और धीरे-धीरे यह दर्द गर्दन की तरफ बढ़ना
  • जबड़े और पेट तक दर्द होना
  • सांस लेने में कठिनाई महसूस करना
  •  अधिक पसीना आना
  • जल्दी से थकान महसूस करना
  • अक्सर चक्कर आना
  •  मिचली आना
  • अपच की समस्या
  •  हार्टबर्न की समस्या आदि।
हार्ट अटैक से ऐसे करे बचाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हृदय रोग के जोखिम को कम करने तथा हार्ट अटैक से बचने के लिए जीवन शैली में बदलाव करना बेहद जरूरी होता है। स्वस्थ आहार का सेवन करने, वजन को संतुलित रखने तथा धूम्रपान से दूरी बनाने और नियमित रूप से व्यायाम करने से काफी हद तक हार्ट अटैक के जोखिम से बचा जा सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज जैसी परिस्थितियां हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाने का काम करते हैं। इसलिए इन बीमारियों से बचने की कोशिश करें और इनका इलाज कराये।

ध्यान रहे इस लेख में बताई गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से बताई गई है। इसमें किसी भी बीमारी का इलाज नहीं बताया गया है। किसी भी प्रकार की समस्या के लिए हमारी वेबसाइट जिम्मेदार नहीं है। स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सलाह लें।

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