शरीर में विटामिन की कमी की वजह से हो सकते हैं मानसिक समस्याएं आइए जाने इनसे बचने के उपाय

हमारे शरीर को स्वस्थ और फिट रहने के लिए विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों की जरूरत होती है। ठीक इसी तरह से हमारे मस्तिष्क के स्वस्थ रहने के लिए भी पोषक तत्वों की जरूरत होती है।

इंसानों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी पोषक तत्व बेहद आवश्यक होते हैं। अगर किसी व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है तब उसे जिंदगी में कई तरह की कठिनाइयों से जूझना पड़ता है। जिसका असर शरीर पर भी पड़ता है। विटामिन हमारे शरीर के लिए एक बेहद आवश्यक है।

अगर हमारे शरीर में किसी विटामिन की कमी होती है तो उसकी वजह से कई शारीरिक समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। वहीं अगर भोजन के माध्यम से विटामिन की आवश्यक मात्रा हमें नहीं मिल पाती है तो इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।


कई बार विटामिन की कमी की वजह से मानसिक समस्याएं उत्पन्न होने लगती है। शोध में कहा गया है कि विटामिन की कमी इंसान के मन मे कई मानसिक बीमारी उत्पन्न कर देता है। ऐसे में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए विटामिन की आवश्यक मात्रा को अपने भोजन में लेना बहुत जरूरी है।

आज हम जानेंगे शरीर के अच्छे स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण विटामिन के बारे में, जिनका महत्व हमारे शरीर के साथ-साथ हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर भी ठीक रखने के लिए जरूरी है। आइए जानते हैं शरीर में किस विटामिन की कमी से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओ के बारे में :-


विटामिन की कमी से मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाला प्रभाव :-


जिस तरीके से हमारे शरीर के लिए सही ढंग से काम करने के लिए विटामिन और पोषक तत्व जरूरी है। उसी तरीके से मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी यह जरूरी है। शरीर में जब किसी तरह के पोषक तत्व की कमी होती है तब कई तरह की समस्याएं और बीमारियां होने लगती हैं।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए विटामिन की उचित मात्रा का प्रतिदिन सेवन करना बहुत जरूरी है। अगर भोजन के माध्यम से पर्याप्त विटामिन नहीं मिल पाती है तो इसका असर सबसे ज्यादा मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।

मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान होता है। डिप्रेशन चिंता तनाव जैसी मानासिक बीमारियां कई बार शरीर में कुछ विटामिन की कमी की वजह से भी उत्पन्न हो जाता है।

विशेष करके अगर शरीर में विटामिन डी की कमी है, तब डिप्रेशन जैसी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं। विटामिन बी कॉन्प्लेक्स की कमी का असर भी मानसिक स्वास्थ्य पर देखने को मिलता है।


शरीर में विटामिन की कमी मानसिक समस्याएं उत्पन्न करता है। यह किसी भी इंसान के मनोदशा, उसकी सोच, उसके व्यवहार को प्रभावित करने वाली समस्याओं को मानसिक समस्या के तौर पर समझा जाता है।

मनोवैज्ञानिक मानसिक विकारों से ग्रस्त लोगों का इलाज कई तरीके से करते आ रहे हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि शरीर में विटामिन की कमी भी कई बार मानसिक समस्याओं का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं विटामिन की कमी से होने वाले कुछ मानसिक विकारों के बाद में –


विटामिन सी की कमी से होने वाली मासिक समस्या :-


जब शरीर में विटामिन सी की कमी हो जाती है तब डिप्रेशन जैसी समस्याएं होती हैं। लेकिन इसका सबसे बुरा असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। चिंता और बाइपोलर डिसऑर्डर जैसी समस्याएं ज्यादातर शरीर में विटामिन की कमी की वजह से ही होता है।

विटामिन सी की वजह से होने वाले मानसिक विचारों को रोका जा सकता है। जब शरीर में विटामिन सी की कमी होने लगती है तो उसे व्यक्त में एस्कोरबिक एसिड बनने लगता है। जो कि न्यूरोलॉजिकल डैमेज की एक प्रमुख वजह है। कुछ लोगों ने कई बार विटामिन सी की कमी की वजह से गंभीर मानसिक समस्याएं भी देखी जाती है।


विटामिन डी की कमी का मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव :-


विटामिन डी फैट में घुलनशील है। यह मोड को बदलने हड्डियों की सुरक्षा और संश्लेषण को भी नियंत्रित करता है। शरीर में विटामिन डी की कमी की वजह से डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन, अत्यधिक थकान जैसी समस्याएं देखने को मिलते हैं।

आमतौर पर लोग विटामिन डी की कमी को हड्डी से जुड़ी बीमारी के तौर पर देखते हैं। लेकिन इसकी वजह से कई बार गंभीर मानसिक समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। मस्तिष्क के विकास के लिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी का सेवन बेहद जरूरी होता है।

विटामिन डी की वजह से शरीर में सेरोटोनिन और ऑक्सीटोने हार्मोन में संतुलन बना रहता है। बता दे कि ये दोनों हॉर्मोन मूड को बेहतर करने का काम करते हैं।


विटामिन बी 12 का मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव :-


हमारे शरीर के लिए विटामिन B12 एक जरूरी विटामिन है। इसका मुख्य काम रेड ब्लड सेल्स का निर्माण करना है। शरीर में जब विटामिन B12 की कमी होने लगती है तब परनीसीयस एनीमिया की समस्या उत्पन्न होती है।

इस विटामिन की कमी की वजह से मानसिक समस्याएं भी उत्पन्न होती है। जैसे व्यवहार मूड और मानसिक स्थिति में बार-बार बदलाव होना। विटामिन B12 की कमी शरीर में सेरोटोनिन और डोपामाइन के उत्पादन को प्रभावित करता है।

जिसकी वजह से दोनों में असंतुलन उत्पन्न हो जाता है और अवसाद, भ्रम, चिड़चिड़ापन जैसी मासिक समस्याएं बढ़ने लगती हैं।


विटामिन B1 की कमी का मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव –


विटामिन B1 की कमी से मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव देखने को मिलता है। इसकी वजह से मेमोरी लॉस, चिंता, डिप्रेशन, नींद से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न होती है। हमारा मस्तिष्क विटामिन B1 का इस्तेमाल शुगर को एनर्जी में बदलने के लिए करता है। इसकी कमी से शरीर से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।


विटामिन की कमी से हो रही मानसिक समस्याओं से कैसे छुटकारा पाएं :-


विटामिन की कमी से होने वाली शारीरिक और मानसिक परेशानियां देखने को मिलते हैं। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े बीमारियों के लक्षण दिखने पर तुरंत मनोचिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। इन समस्याओं को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

नियमित रूप से अपने खानपान में विटामिन और मिनरल को शामिल करना चाहिए। समय-समय पर शरीर में पोषक तत्वों की जांच भी करा सकते हैं। और विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए चिकित्सक की सलाह से दवा ले सकते हैं और डाइट चार्ट बना सकते हैं।

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